आज हम अपने आप को विश्व के मानचीत्र पर अपने आपको विश्व के ऐक आर्थीक एवं सामरीक शक्ती के रूप मे देख रहें है। परन्तू गाहे बगाहे कुक्ष ऐसे दृस्य सामने आहीं जातें हैं जो यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि क्या वास्तवीक रूप से हम तैयार हैं की हम विश्व का आर्थीक नेत्रीतव करने को तैयार हैं?
आज जब पुरा विश्व वैश्वीक उदारीकरण़ की बात कर रहा है वैसे मे हमारे हीं देश एक तबका "Say No To Chinese Product" का पैलकाट लीऐ social media पर अपने Made in China Phone से हीं संदेश बांट रहा है। मेरा मित्र जो रोज facebook इस संदेश को साझां कर रहा है ओ एक बार भी इस पर विचार नही करता की Facebook नाम की यह कम्पनी चाईना मे हीं रजीस्टृड है और इसका servers कहीं चाईना के किसी कोने मे हीं रखा होगा, यही नही आज हमारा किसान जो खेतों मे महींद्रा र्टैकटर चला रहा है वह भी चाईना क फैक्टरी मे बनकर तैयार हो रहा है।
कुछ साथी कहते हैं की चुंकी चाईना पाकिस्तान की सहायता करता है और हमार आर्थीक सम्बंध से चाईना को आर्थीक सम्पन्ता देती है और इस प्रकार से हम पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष समरथन दे रहें है, तो फीर क्यो ना हम यह प्रयास "Adani" जैसों और उनके अकावों से सुरू करे जो पाकिस्तान जैसे देश मे अपने आर्थीक भविष्य तलास रहे हैं और उसे और सुदृठ होने का अवसर दे रहें हैं?
इस्से पहले मेरे दोस्त मुझे पाकिस्तान जाने की सलाह दें , बता दुं की इस लेख का मक्सद र्सीफ ईतना है की लोगों को पता हो की देश पर दबाव Facebook और Whatsapp पर Messege share करने नही होगा। अगर हम वास्तवीक रूप से दबाव डालना हीं चाहते हैं तो सबसे पहले हमे आत्मर्निभर होना होगा और चुंकी आज इस वैश्विकरण के दैर मे कीसी राष्द्रा का बहीसकार नही कर सकते तो उस देश को अपने उपर आर्थीक रूप से र्नीभर बना सकते हैं।
